आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "aslan"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "aslan"
ग़ज़ल
है जिंस परी सा कुछ आदम तो नहीं असलन
इक आग लगा दी है उस अमर्द-ए-ख़ुश-गप ने
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
ग़ज़ल
बुत बने हैं यूँ तो हम बातें बनाते हैं हज़ार
बात लेकिन वस्ल की असलन बता सकते नहीं
रंगीन सआदत यार ख़ाँ
ग़ज़ल
चारागर हाजत-ए-मरहम नहीं उन को असलन
ज़ख़्म-ए-दिल लज़्ज़त-ए-ईसार से भर जाते हैं
शेर सिंह नाज़ देहलवी
ग़ज़ल
जुम्बिश-ए-तेग़-ए-निगह की नहीं हाजत असलन
काम मेरा वो इशारों ही में कर जाते हैं
कल्ब-ए-हुसैन नादिर
ग़ज़ल
मिरा दिल दाद-ख़्वाह-ए-ज़ुल्म असलन हो नहीं सकता
मुरव्वत मुँह को सी देती है शिकवा हो नहीं सकता
साक़िब लखनवी
ग़ज़ल
विसाल-ए-महबूब की तमन्ना किसी पर इज़हार की न असलन
क़िरान-ए-सादैन मैं ने पूछा जो कोई अख़्तर-शुमार आया
इमदाद अली बहर
ग़ज़ल
ख़ूब सा जी खोल कर आवारा कर ऐ इश्क़-ए-यार
ख़ौफ़-ए-रुस्वाई नहीं असलन दिल-ए-बेबाक को