आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ba-dil-e-dast"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "ba-dil-e-dast"
ग़ज़ल
आग़ा हज्जू शरफ़
ग़ज़ल
बा-दिल-ए-ना-ख़्वास्ता हँसते हैं दुनिया के लिए
वर्ना सच ये है पशेमान-ए-तमन्ना हम भी हैं
एहसान दानिश कांधलवी
ग़ज़ल
वो अक्सर देखते हैं बा-दिल-ए-ना-ख़्वास्ता मुझ को
नसीब-ए-दुश्मनाँ यारो यहाँ तक बात आ पहुँची
सय्यद कामरान ज़ुबैर कामी
ग़ज़ल
वो करता है निहायत बा-दिल-ए-ना-ख़्वास्ता रुख़्सत
जब उस के पास से हम बे-मुदारात उठने लगते हैं
अनवर शऊर
ग़ज़ल
अता किया है ख़ुदा ने वो हाँ उसे दिल-ओ-दस्त
कि जिस से पहुँचे है इमदाद बहर-ओ-काँ के लिए
हकीम आग़ा जान ऐश
ग़ज़ल
मक़्सद-ए-ज़ीस्त है क़ुर्बां ब-दिल-ओ-जाँ होना
नाम एहसास-ए-फ़राएज़ का है इंसाँ होना
नबीउल हसन शमीम
ग़ज़ल
ग़म-ब-दिल शुक्र-ब-लब मस्त ओ ग़ज़ल-ख़्वाँ चलिए
जब तिलक साथ तिरे उम्र-ए-गुरेज़ाँ चलिए