आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bartar"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "bartar"
ग़ज़ल
है वतन से बाहर अहल-ए-दिल की क़द्र-ओ-मंज़िलत
'उज़्लत-आबाद-ए-सदफ़ में क़ीमत-ए-गोहर नहीं
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
मोहम्मद फ़य्याज़ हसरत
ग़ज़ल
फ़क़त आ'माल और किरदार पर हैं मुनहसिर रुत्बे
कमा कर माल-ओ-दौलत आदमी बरतर नहीं होता