आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "batte"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "batte"
ग़ज़ल
शरह-ए-हंगामा-ए-हस्ती है ज़हे मौसम-ए-गुल
रह-बर-ए-क़तरा-बा-दरिया है ख़ुशा मौज-ए-शराब
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
गोया फ़क़ीर मोहम्मद
ग़ज़ल
तुम थे लेकिन दो हिस्सों में बटे हुए थे तुम
आँख खुली तो बिस्तर की हर सिलवट में था ख़ौफ़
फ़रीहा नक़वी
ग़ज़ल
साक़िया दोनों जहाँ से फिर तो बेड़ा पार है
गर बत-ए-मय आए दरिया के किनारे हाथ में
सय्यद यूसुफ़ अली खाँ नाज़िम
ग़ज़ल
नग़्मा-ए-नय भी न हो बाँग-ए-बत-ए-मय भी न हो
ये भी जीने की अदा है मुझे मा'लूम न था
सय्यद आबिद अली आबिद
ग़ज़ल
ख़्वाब सरीखा छुटपन सावन प्याज़ की रोटी देसी घी
अम्मा के सिल-बट्टे वाली धनिए लहसन की चटनी
शारिक़ क़मर
ग़ज़ल
ज़ाहिद ने भी अक़्द आज किया बिन्त-ए-इनब से
जुफ़्त-ए-बत-ए-मय मुर्ग़-ए-मुसल्ला नज़र आया