आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "be-faisla"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "be-faisla"
ग़ज़ल
हो रहा जो तुम समझे फ़ैसला ख़ुदा का है
ये सिला तो इंसाँ की अपनी ही ख़ता का है
मोहम्मद फ़य्याज़ हसरत
ग़ज़ल
फ़ैसला ये हो न पाया रोज़ की बातों के बाद
ख़ून के धब्बे धुलेंगे कितनी बरसातों के बाद
मुशताक़ अहमद मुशताक़
ग़ज़ल
वो मेरे हाल-ए-दिल से इस क़दर भी बे-ख़बर होगा
ख़बर क्या थी कि यूँ बेहिस वो मेरा हम-सफ़र होगा