आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bitaane"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "bitaane"
ग़ज़ल
यूँ तो मुश्किल है बहुत दर्द बताना सब को
सो यही सोच के हम शे'र सुना देते हैं
दीपक प्रजापति ख़ालिस
ग़ज़ल
यूँ तो इस दुनिया में तारा चाहत के सामान भी हैं
लेकिन हम को याद में उस की खो कर दिन ये बिताने हैं