आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "faateho"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "faateho"
ग़ज़ल
शिकस्त खा चुके हैं हम मगर अज़ीज़ फ़ातेहो
हमारे क़द से कम न हो फ़राज़-ए-दार देखना
मुज़फ़्फ़र हनफ़ी
ग़ज़ल
पए फ़ातिहा कोई आए क्यूँ कोई चार फूल चढ़ाए क्यूँ
कोई आ के शम' जलाए क्यूँ मैं वो बेकसी का मज़ार हूँ
मुज़्तर ख़ैराबादी
ग़ज़ल
बाँट के अपना चेहरा माथा आँखें जाने कहाँ गई
फटे पुराने इक एल्बम में चंचल लड़की जैसी माँ
निदा फ़ाज़ली
ग़ज़ल
'क़मर' वो सब से छुप कर आ रहे हैं फ़ातिहा पढ़ने
कहूँ किस से कि मेरी शम-ए-तुर्बत को बुझा देना
क़मर जलालवी
ग़ज़ल
वो अदा-ए-दिलबरी हो कि नवा-ए-आशिक़ाना
जो दिलों को फ़त्ह कर ले वही फ़ातेह-ए-ज़माना
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
हमारी ज़ीस्त में थे साथ कौन कौन ऐ 'बर्क़'
अब एक फ़ातिहा को क़ब्र पर नहीं आता