आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "haal-e-dil-e-shaidaa"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "haal-e-dil-e-shaidaa"
ग़ज़ल
उन से कह दो कि इलाज-ए-दिल-ए-शैदा न करें
यही अच्छा है कि बीमार को अच्छा न करें
बिस्मिल इलाहाबादी
ग़ज़ल
उस से कहूँ मैं हाल-ए-दिल-ए-दाग़-दाग़ क्या
हँस कर जो ये कहे कि सजाया है बाग़ क्या
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
ग़ज़ल
शरीक-ए-हाल-ए-दिल-ए-बे-क़रार आज भी है
किसी की याद मिरी ग़म-गुसार आज भी है
अलीम अख़्तर मुज़फ़्फ़र नगरी
ग़ज़ल
दोस्तो हाल-ए-दिल-ए-ज़ार ज़रा उस से कहो
कम न हो इस में ज़रा बल्कि सिवा उस से कहो
किशन कुमार वक़ार
ग़ज़ल
दिल-ए-दीवाना से हाल-ए-दिल-ए-दीवाना कहते हैं
हमीं हैं सुनने वाले और हमीं अफ़्साना कहते हैं