आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "mid.hat"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "mid.hat"
ग़ज़ल
अपने अशआर को रुस्वा सर-ए-बाज़ार करूँ
कैसे मुमकिन है कि मैं मिदहत-ए-दरबार करूँ
ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर
ग़ज़ल
ज़बाँ पर ज़िक्र जारी था बराबर हम्द-ए-ख़ालिक़ का
अज़ल में काम ठहरा मिदहत-ए-ख़ैरुल-बशर मेरा
मोहम्मद यूसुफ़ रासिख़
ग़ज़ल
बता ऐ हुस्न कब तक इश्क़ की तक़दीर में आख़िर
ब-मिन्नत दिल दिया करना ब-हसरत मुँह तका करना
सय्यद नज़ीर हसन सख़ा देहलवी
ग़ज़ल
मैं अपनी ही मिट्टी से बना लेता हूँ 'मिदहत'
वो चीज़ जो औरों की ख़ुदाई नहीं देती
मिद्हत-उल-अख़्तर
ग़ज़ल
ख़ुदा के फ़ज़्ल से इस बोसतान-ए-ना'त-ए-मिदहत में
'जमीला' नग़्मा-ज़न है बुलबुल-ए-ख़ुश-दास्ताँ हो कर
जमीला ख़ुदा बख़्श
ग़ज़ल
मैं ने जो कुछ खो दिया अब इस को पा सकता नहीं
दिल से ये एहसास भी लेकिन मिटा सकता नहीं
मिद्हत-उल-अख़्तर
ग़ज़ल
आँखें हैं मगर ख़्वाब से महरूम हैं 'मिदहत'
तस्वीर का रिश्ता नहीं रंगों से ज़रा भी
मिद्हत-उल-अख़्तर
ग़ज़ल
किसी का था वो फ़ुसूँ जो किया किया मैं ने
वो होश था कि जुनूँ जो किया किया मैं ने
मिद्हत-उल-अख़्तर
ग़ज़ल
अभी तलक है तख़य्युल में नूर की बारिश
ख़याल आया था इक दिन तुम्हारी मिदहत का