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ग़ज़ल
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
अक्सर मिटना अक्सर उभरना अक्सर जीना अक्सर मरना
रहती है ये मेरी सूरत किस की बदौलत दिल की बदौलत
नूह नारवी
ग़ज़ल
ज़िंदगी इश्क़ में मिटना है तो फिर ऐसे में
नाज़ तुझ पे दिल-ए-बर्बाद करूँ या न करूँ
अज़मत अब्दुल क़य्यूम ख़ाँ
ग़ज़ल
सलाम नज्मी
ग़ज़ल
जान दे देना भरी बज़्म में आसान नहीं
शम्अ' पर मिटना ही मक़्दूर है परवाने का
अब्दुल मजीद दर्द भोपाली
ग़ज़ल
किसी की ख़ुश-कलामी पर न मर मिटना मिरे यारो
यहाँ लहजे बदलने में ज़रा सी देर लगती है
हुज़ैफ़ा अशरफ़ आसमी
ग़ज़ल
तुमारी राह में मिटना है ज़िंदगी मेरी
यक़ीं नहीं तो मुझे पाएमाल कर देखो