आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "phase.nge"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "phase.nge"
ग़ज़ल
हाँ अक़्ल-ओ-ख़िरद से जिन्हें निस्बत नहीं होगी
ख़ुद-कर्दा गुनाहों से बलाओं में फसेंगे
मोहम्मद हाज़िम हस्सान
ग़ज़ल
आबाद रहेंगे वीराने शादाब रहेंगी ज़ंजीरें
जब तक दीवाने ज़िंदा हैं फूलेंगी फलेंगी ज़ंजीरें
हफ़ीज़ मेरठी
ग़ज़ल
साहिर लुधियानवी
ग़ज़ल
सबा अफ़ग़ानी
ग़ज़ल
कुछ तो पाएँगे उस की क़ुर्बतों का ख़म्याज़ा
दिल तो हो चुके टुकड़े अब सरों की बारी है
मंज़र भोपाली
ग़ज़ल
ख़ुद काटेंगे अपनी मुश्किल ख़ुद पाएँगे अपनी मंज़िल
राहज़नों से भी बद-तर हैं राह-नुमा कहलाने वाले
हबीब जालिब
ग़ज़ल
नहीं कोई राज़-ए-यगानगी नहीं कोई साज़-ए-फ़सानगी
मगर एक साज़-ए-फ़साना राज़-ए-यगाना हो कहीं यूँ न हो