आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sadaa-e-kos-e-rehlat"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "sadaa-e-kos-e-rehlat"
ग़ज़ल
कारवान-ए-ज़िंदगी का लग रहा है चल चलाओ
हर-नफ़स हम को सदा-ए-कूस-ए-रेहलत हो तो हो
ब्रहमा नन्द जलीस
ग़ज़ल
फ़िक्र-ए-सुख़न से क्या मिला बोल किसी को ऐ 'सदा'
फ़िक्र-ए-म'आश कर ज़रा छोड़ के अब तू काम ये