आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "visitor"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "visitor"
ग़ज़ल
मुझ ऐसे वामांदा-ए-जाँ को बिस्तर-विस्तर क्या
पल दो पल को मूँद लूँ आँखें वर्ना घर-वर क्या
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "visitor"
मुझ ऐसे वामांदा-ए-जाँ को बिस्तर-विस्तर क्या
पल दो पल को मूँद लूँ आँखें वर्ना घर-वर क्या