aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
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ऐ मेरे प्यारे बच्चो ऐ मेरे अच्छे बच्चोउर्दू ज़बान बोलो उर्दू ज़बान बोलोउर्दू ज़बान ऐसी जो बोलना सिखाएमुँह में सभी के वो तो रस घोलना सिखाएइस के हुरूफ़ मोती अल्फ़ाज़ फूल जैसेज़ेहनों में सब के ख़ुशबू को छोड़ना सिखाएचाहो अगर सलीक़ा उर्दू ज़बान सीखोउर्दू ज़बान बोलो उर्दू ज़बान बोलोउर्दू के शेर सारे देखो हैं कितने प्यारेउर्दू ग़ज़ल हैं सुनते इंसान देखो सारेबच्चों की छोटी नज़्में देखो हैं कितनी प्यारीहर एक बच्चा इन से लेता है लुत्फ़ प्यारेमोती हैं ये अदब के हाथों से इन को रोलोउर्दू ज़बान बोलो उर्दू ज़बान बोलोहै बोलने में मीठी लिखने में ये हसीं हैअंदाज़ इस का प्यारा ये ख़ुद भी दिल-नशीं हैदुनिया की हर ज़बाँ की इस में तो ख़ूबियाँ हैंहै हुस्न का ये मेहवर शक इस में कुछ नहीं हैक़ुदरत का है ये तोहफ़ा ने'मत ख़ुदा की समझोउर्दू ज़बान बोलो उर्दू ज़बान बोलोजो उर्दू ज़बान बोले सब को है वो तो प्यारासब इस से प्यार करते आँखों का सब की ताराबोले है जब वो उर्दू मुँह से हैं फूल झड़तेमाँ-बाप का चहीता उस्ताद का दुलाराउर्दू से कितनी शफ़क़त उस ने है पाई देखोउर्दू ज़बान बोलो उर्दू ज़बान बोलो
कहाँ पर लफ़्ज़ लिख कर फ़ासला देनाकहाँ कॉमा लगाना हैकहाँ क़ौसैन में लिखनाकहाँ पैरा बनाना हैकहाँ एहसास को लिखना है बस उस के अलिफ़ जितनाकहाँ एहसासकहाँ एहसास को पूरा दिखाना हैतरीक़ा ही नहीं आतातुम्हें तो नज़्म लिखने का सलीक़ा ही नहीं आता
सुब्ह-सवेरे टाइम पर हीआ जाता हूँ मैं स्कूलहर दिन अपना काम हूँ करताकभी न करता इस में भूलसब बच्चों से प्यार हूँ करताये है मेरा एक उसूलअच्छा बच्चा कहते मुझ कोमैं हूँ सब की आँख का फूल
मैं चैत का फूल हूँऔरआकिफ़ हूँ मिट्टी के नीचेये चिल्ला-कशी हैकिसी और हैअत में ढलने कीचालीस रातों का चला हैभारी किनारों का तिल्ला है
जब भी आती लाल परीख़ुशियाँ लाती लाल परीरंग-बिरंगे सपने दे करदिल बहलाती लाल परीसुब्ह-सवेरे प्यार से आ करमुझे उठाती लाल परीलड्डू पेड़े बालू-शाहीख़ूब खिलाती लाल परीजब भूलूँ में अपना सबक़याद कराती लाल परीपँख पे अपने मुझे बिठा करसैर कराती लाल परी
नन्हा-मुन्ना बच्चा हूँ मैंलेकिन बिल्कुल सच्चा हूँ मैंपढ़ना मुझ को कम है भाताखेल में लेकिन पक्का हूँ मैंमैडम कहतीं तुम हो गंदेमम्मी कहतीं अच्छा हूँ मैंभय्या बाजी सब से लड़तानहीं किसी से डरता हूँ मैंछोड़ूँगा अब सारी शरारततौबा उन से करता हूँ मैं
मिनिस्टर मुझ को बनवा दो ख़ज़ाना-जात का मामूँहुकूमत ही तुम्हारी है तो डर किस बात का मामूँमैं कब कहता हूँ यू-एस की सफ़ारत चाहिए मुझ कोख़ज़ाने और खाने की वज़ारत चाहिए मुझ कोये मेरी चीज़ है ग़ैरों को हथियाने नहीं दूँगामैं कस्टम का इदारा हाथ से जाने नहीं दूँगाज़राअत में बहू को शोबा-ए-बाग़ात दे दो तुमऔर अपनी सास को भी जेल-ख़ाना-जात दे दो तुमचची को मीडिया दे दो चचा को रेलवे दे दोतुम्हारा जो मुख़ालिफ़ हो तुम उस को जेल-वे दे दोबहुत ही काइयाँ हो जो उसे सी.आई.ऐ दे दोजो हो सब से निकम्मा तुम उसे पी.आई.ऐ दे दोवज़ीर-ए-आब का मंसब दिखाने के लिए रख लोक़लम-दान-ए-ज़राअत सम्धियाने के लिए रख लोमिनिस्टर-हैल्थ अब्बा को बना दो अब ये सूरत हैबहुत बीमार हैं उन को दवाओं की ज़रूरत हैजिसे पीने की आदत हो उसे पी कर बना देनाजो कुछ भी बन न पाए उस को स्पीकर बना देनाहज ओ औक़ाफ़ भी कोई वज़ारत में वज़ारत हैनमाज़ें ही नमाज़ें हैं तहारत ही तहारत हैये गंगा मुल्क में उल्टी ही बहनी चाहिए मामूँये काबीना हमारे घर में रहनी चाहिए मामूँ
जब घर में आ जाता बंदरकितने रूप दिखाता बंदरचीज़ें तोड़े कपड़े फाड़ेऊधम ख़ूब मचाता बंदरबच्चे रहते सहमे सहमेउन को ख़ूब डराता बंदरछीन के सब ले जाता चीज़ेंदिखा दिखा कर खाता बंदरडंडा ले कर मारें उस कोफिर तो दौड़ लगाता बंदर
डॉक्टर देखो मेरी गुड़ियादे दो उस को दवा की पुड़ियाहँसती है न रोती हैहर दम ये तो सोती हैदाना पानी कुछ न खाएचाहूँ भी तो चल न पाएकमज़ोरी है या बीमारीऐसी क्यूँ है ये बेचारीकोई इंजेक्शन दे दो ऐसाकाम करे ये मेरे जैसा
इक बच्चे ने ख़्वाब ये देखाशहर ज़मीं पर है इक ऐसासब इंसाँ हैं जहाँ बराबरछोटा है कोई और ना है बरतरमिल-जुल कर हैं सब ही रहतेहमदर्दी आपस में रखतेकाला भोंडा कोई नहीं हैसूरत से हर कोई हसीं हैबच्चे भी हैं सब ही प्यारेमिल कर पढ़ने जाते सारेनहीं है लड़ता कोई किसी सेमिल कर रहते साथ ख़ुशी केकोई किसी की चीज़ न लेताग़ीबत चुग़ली कोई न करतासाफ़ हैं ख़ुद भी कपड़े उजलेबस्ते भी तो नहीं हैं गंदेनींद से बच्चा जब वो जागाइधर उधर घबरा कर देखाकुछ पल में जब जाग उठाख़्वाब था सब ये समझ गयासोचा काश ये सच हो जाएऐसी दुनिया ये बन जाए
हामिद शाकिर और माइकलदेखो मेरी छोटी साइकलपेडल मारो उड़ जाती हैहैंडल मोड़ो मुड़ जाती हैब्रेक दबाओ तो रुकती हैब्रेक न दो तो लड़ जाती हैइक नन्ही सी घंटी भी हैचुप रहती है बजती भी हैसाइकल है ये कितनी प्यारीदेती है ये ख़ूब सवारी
गौरय्या तुम आ भी जाओआकर सब का दिल बहलाओतुम बिन घर है सूना सूनावीराँ इस का कोना कोनाजब तुम घर में आती थींकितनी ख़ुशियाँ लाती थींचीं चीं करतीं शोर मचातींफिर भी सब के मन को भातींतिनका तिनका तुम थीं लातींघर अपना फिर उन से बनातींफिर उस में तुम देतीं अंडेजिन से बाहर आते बच्चेहोते थे ये नन्हे मुन्नेदेख के जिन को हम ख़ुश होतेयादें कितनी हैं ये सुहानीलेकिन अब तो हुईं पुरानीजब से तुम ने आना छोड़ादिल गोया सब का ही तोड़ाबोलो बोलो कहाँ गई होकौन देस में जा के छुपी होकैसे तुम को वापस लाएँतुम से अपना दिल बहलाएँ'आकिफ़' तुम को याद है करतायादों से दिल शाद है करतागौरय्या तुम आ भी जाओघर में ख़ुशियाँ वापस लाओ
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