आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ",sPs"
नज़्म के संबंधित परिणाम ",sps"
नज़्म
कोई कहती है मिरी चूड़ियाँ खनकीं तो खंखारी मिरी सास
कोई कहती है भरी चाँदनी आती नहीं रास
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
इस बख़्शिश के इस अज़्मत के हैं बाबा नानक शाह गुरु
सब सीस नवा अरदास करो और हर दम बोलो वाह गुरु
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
राजा की ये बात सुनी तो कहने लगा हम-साया
जिए वो सास कि चूहिया को भी जिस ने भैंस बनाया