आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".flu"
नज़्म के संबंधित परिणाम ".flu"
नज़्म
दश्त-ए-तन्हाई में दूरी के ख़स ओ ख़ाक तले
खिल रहे हैं तिरे पहलू के समन और गुलाब
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
और दाएँ पहलू में इक मंज़िल का है मकाँ वो ख़ाली है
और बाएँ जानिब इक अय्याश है जिस के हाँ इक दाश्ता है
मीराजी
नज़्म
क़ुदरत हो हिमायत पर हमदर्द हो क़िस्मत भी
'सलमा' भी हो पहलू में 'सलमा' की मोहब्बत भी
अख़्तर शीरानी
नज़्म
पहलू-ए-शाह में ये दुख़्तर-ए-जम्हूर की क़ब्र
कितने गुम-गश्ता फ़सानों का पता देती है
साहिर लुधियानवी
नज़्म
कोई ख़्वाबों में ख़्वाबीदा उमंगों को जगाती है
तो अपनी ज़िंदगी को मौत के पहलू में पाता हूँ
साहिर लुधियानवी
नज़्म
मिरे पहलू-ब-पहलू जब वो चलती थी गुलिस्ताँ में
फ़राज़-ए-आसमाँ पर कहकशाँ हसरत से तकती थी
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
बस इसी कर्ब के पहलू में गुज़ारे हैं पहर
बस यूँही ग़म कभी काफ़ी कभी थोड़े आए
सोहैब मुग़ीरा सिद्दीक़ी
नज़्म
तिरे पहलू में कितनी ही अनोखी वारदातें हैं
तिरे होंटों पे कितनी ही तबस्सुम-रेज़ बातें हैं