आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".orem"
नज़्म के संबंधित परिणाम ".orem"
नज़्म
जिस दिन से मिले हैं दोनों का सब चैन गया आराम गया
चेहरों से बहार-ए-सुब्ह गई आँखों से फ़रोग़-ए-शाम गया
अख़्तर शीरानी
नज़्म
कुएँ में तू ने यूसुफ़ को जो देखा भी तो क्या देखा
अरे ग़ाफ़िल जो मुतलक़ था मुक़य्यद कर दिया तू ने
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
और इन सब में इक मैं भी हूँ लेकिन बस तू ही नहीं
हैं और तो सब आराम मुझे इक गेसुओं की ख़ुशबू ही नहीं
मीराजी
नज़्म
ये मिरी उम्र का बे-मंज़िल ओ आराम सफ़र
क्या यही कुछ मिरी क़िस्मत में लिखा है तू ने
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
मिरे ख़ुदाया मैं ज़िंदगी के अज़ाब लिक्खूँ कि ख़्वाब लिक्खूँ
ये मेरा चेहरा ये मेरी आँखें