आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "KHud-numaa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "KHud-numaa"
नज़्म
ऐ वतन तेरी मोहब्बत क़ुदरतन इस दिल में है
तेरे एहसानात का नग़्मा मिरी महफ़िल में है
अख़्तर हुसैन शाफ़ी
नज़्म
कुछ ऐसे रूप में आया है फ़ित्ना-ए-हाज़िर
तमीज़-ए-दोस्ताँ ओ दुश्मनाँ भी मुश्किल है