आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ashk-e-sahar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ashk-e-sahar"
नज़्म
मन के मंदिर को मुनव्वर करे नूर-ए-इस्लाम
का'बा-ए-दिल में रहे शाम-ओ-सहर राम का नाम
कुँवर महेंद्र सिंह बेदी सहर
नज़्म
मगर क्या कीजिए जब फ़ैसला ये है मशिय्यत का
कि मैं फ़ितरत की आँखों से गिरूँ अश्क-ए-रवाँ हो कर
अहसन अहमद अश्क
नज़्म
गुल से अपनी निस्बत-ए-देरीना की खा कर क़सम
अहल-ए-दिल को इश्क़ के अंदाज़ समझाने लगीं
सय्यदा शान-ए-मेराज
नज़्म
फिर उन पे शबनम-ए-अश्क-ए-सहर-गही छिड़कूँ
फिर उन से शे'रों की लड़ियाँ पिरो के नज़्र करूँ