आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ba-gil"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ba-gil"
नज़्म
पस्ती में पा-ब-गिल है उम्र-ए-रवाँ का दरिया
फिर ऊँची वादियों के मंज़र उसे दिखा दे
ख़ुशी मोहम्मद नाज़िर
नज़्म
वो आरज़ू है कौन सी जो आज पा-ब-गिल नहीं
है नाम दिल का दिल मगर जो सच कहूँ तो दिल नहीं
अर्श मलसियानी
नज़्म
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मैं अजनबी मैं बे-निशाँ मैं पा-ब-गिल
न रिफ़अत-ए-मक़ाम है न शोहरत-ए-दवाम है ये लौह-ए-दिल पे लौह-ए-दिल
मजीद अमजद
नज़्म
इक़बाल सुहैल
नज़्म
वजूद-ए-आदमी से आब-ओ-गिल सदा बरूँ रहे
न हर विसाल-ए-आब-ओ-गिल से कोई जाम या सुबू ही बन सका