आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ba-saan-e-zar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ba-saan-e-zar"
नज़्म
फ़र्दा का एक ख़ौफ़ है दिल में निहाँ कहीं
निकले थे जब वतन से हम अपने ब-हाल-ए-ज़ार
जयकृष्ण चौधरी हबीब
नज़्म
ब-फ़ैज़-ए-सोज़-ए-ख़ुदी तेरी ज़ीस्त की रातें
हरीफ़-ए-सुब्ह-ए-ज़र-अफ़्शाँ नहीं तो कुछ भी नहीं
अफ़सर सीमाबी अहमद नगरी
नज़्म
ब-सद ग़ुरूर-ओ-अदा ख़ंदा-ज़न है गर्दूं पर
ज़मीन-ए-हिन्द कि जोला-निगह ग़ज़ालाँ है