आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "be-basarii"
नज़्म के संबंधित परिणाम "be-basarii"
नज़्म
तुम्हारी मीआ'द-ए-आज़माइश का फ़ैसला मो'तबर नहीं है
तुम्हारा सय्याद बे-बसर है ये दौर तो बे-बसर नहीं है
ज़हीर काश्मीरी
नज़्म
मिरी आँखों में तेरी रौशनी के ख़द्द-ओ-ख़ाल अब तक नहीं उभरे
मिरी आँखें अभी तक बे-बसर हैं
सलमान बासित
नज़्म
रौशनी निखरी हुई है कोहर के उस पार देख
तीरगी सहमी हुई है कोहर के उस पार देख