आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "be-paa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "be-paa"
नज़्म
हुजूम-ए-बे-सर-ओ-पा में कई सदियों से रहती है
गुज़रती है तो हर जानिब सुकूत-ए-मर्ग बहता है
फ़ैसल हाशमी
नज़्म
रफ़्ता ओ हाज़िर को गोया पा-ब-पा इस ने किया
अहद-ए-तिफ़्ली से मुझे फिर आश्ना इस ने किया
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
रूठने वाले ब-पास-ए-वक़्त-ओ-आदाब-ए-शबाब
पिछली बातें भूल जाने का ज़माना आ गया