aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "biit"
जिस उम्र के ख़्वाब ख़याल हुएवो पिछली उम्र थी बीत गई
जो तुम से ना-वाक़िफ़ होंगेवो कब मेरी बात सुनेंगे
रहूँगा उन के दरमियाँकि जब मैं बीत जाऊँगा
याद की राहगुज़र जिस पे इसी सूरत सेमुद्दतें बीत गई हैं तुम्हें चलते चलते
मुद्दतें बीत गईंतुम नहीं आईं अब तक
शब बीत गई है तो गुज़र जाएगा दिन भीहर लहज़ा जो गुज़री वो हिकायत न करेंगे
कहाँ जवानीया'नी उस को गुज़रे अब तक काफ़ी अर्सा बीत चुका है
संग-मरमर की इमारत की तरह साकित हैंतू ही कुछ बात कर ऐ मेरे धड़कते हुए दिल
जो समाँ बीत जाए पलटता नहींजाने वाले नहीं लौटते उम्र भर
वो इस लिए मुझ को भाते हैंदिन बीते याद दिलाते हैं
गुज़री बात सदी या पल हो गुज़री बात है नक़्श-बर-आबये रूदाद है अपने सफ़र की इस आबाद ख़राबे में
साल ये बीत गया रास्ता तकते तकतेसब्र अब ख़त्म बताऊँ तो बताऊँ कैसे
कितनी सदियाँ बीत गई हैंअब जा कर ये भेद खुला है
चार एशारिया बिलियन सालों की उम्र तो बीत चुकी हैकितनी देर लगा दी तुम ने आने में
चिट्ठी गुम हुए तो अर्सा बीत चुकामोहर लगा बस मटियाला सा
खिल गए साज़ में नग़्मों के महकते हुए फूललोग चिल्लाए कि फ़रियाद के दिन बीत गए
नर्म शाख़ों को थपकते रहे अय्याम के हाथयूँही दिन बीत गए सुब्ह हुई शाम हुई
बिल्ली ने जब सुनी ये बातबीत चुकी थी आधी रात
लो तीसवां साल भी बीत गयालो बाल रुपहली होने लगे
दिन बीत गए!!और ख़्वाब हमारे अपने अपने बदन किनारे
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