आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bithlaave"
नज़्म के संबंधित परिणाम "bithlaave"
नज़्म
जो और की पगड़ी ले भागे उस का भी ओर उचक्का है
जो और पे चौकी बिठलावे उस पर भी धोंस-धड़क्का है
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
मिरे हिन्दू मुसलमाँ सब मुझे सर पर बिठाते थे
उन्ही के फ़ैज़ से मअनी मुझे मअनी सिखाते थे
जौन एलिया
नज़्म
तस्वीर को मेरी फूलों की ख़ुशबू में बसाए बैठी हो
आँखों के नशीले डोरों पर काजल को बिठाए बैठी हो
वसीम बरेलवी
नज़्म
नज़र से तमकनत ले कर मज़ाक़-ए-आजिज़ी दे दे
मगर हाँ बेंच के बदले उसे सोफ़े पे बिठला दे