आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "daam-e-mohabbat"
नज़्म के संबंधित परिणाम "daam-e-mohabbat"
नज़्म
तेरे ही दाम-ए-मोहब्बत में गिरफ़्तार रहा
महफ़िल-ए-ग़ैर में उम्मीद-ए-मेहरबाँ भी नहीं
सय्यद जाफ़र अमीर
नज़्म
सुब्ह-दम बाद-ए-सबा की शोख़ियाँ काम आ गईं
लाला-ओ-गुल को बग़ल-गीरी का मौक़ा मिल गया
सय्यदा शान-ए-मेराज
नज़्म
तिरे लुत्फ़-ओ-अता की धूम सही महफ़िल महफ़िल
इक शख़्स था इंशा नाम-ए-मोहब्बत में कामिल
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
आज तो हम बिकने को आए, आज हमारे दाम लगा
यूसुफ़ तो बाज़ार-ए-वफ़ा में, एक टिके को बिकता है
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
दाम-ए-हर-मौज-ए-तख़य्युल में है कश्ती की तरह
और तूफ़ान है गिर्दाब है 'ग़ालिब' की ग़ज़ल
मोहम्मद अब्दुल क़ादिर अदीब
नज़्म
हुस्न अभी तक दाम-ए-फ़रेब-ए-तफ़रक़ा-ओ-तफ़रीक़ में है
'इश्क़ ख़ुलूस-ए-‘आम का हामिल कल भी था और आज भी है
मासूम शर्क़ी
नज़्म
मैं ही नमरूद हूँ फ़िरऔन-ए-मुजस्सम मैं हूँ
मैं ही मूसा हूँ दम-ए-ईसा-ए-मरियम मैं हूँ