आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "dam-e-sitam"
नज़्म के संबंधित परिणाम "dam-e-sitam"
नज़्म
सुब्ह-दम बाद-ए-सबा की शोख़ियाँ काम आ गईं
लाला-ओ-गुल को बग़ल-गीरी का मौक़ा मिल गया
सय्यदा शान-ए-मेराज
नज़्म
आज तो हम बिकने को आए, आज हमारे दाम लगा
यूसुफ़ तो बाज़ार-ए-वफ़ा में, एक टिके को बिकता है
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
मरने वालों का मातम भी करता रहा
ये निफ़ाक़-ए-तरहदार-ए-अहल-ए-सितम तो रिवायत में सदियों से मन्क़ूल है
मोहम्मद अहमद
नज़्म
कभी ग़नीम-ए-जौर-ओ-सितम के हाथों खाई ऐसी मात
अर्ज़-ए-अलम में ख़्वार हुए हम बिगड़े रहे बरसों हालात