आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "dard-e-be-dard"
नज़्म के संबंधित परिणाम "dard-e-be-dard"
नज़्म
सुकून-ए-दिल भी है और दर्द-ए-बे-मुदावा है
किसी जनम की मोहब्बत का क्या ये तोहफ़ा है
बनो ताहिरा सईद
नज़्म
औज-ए-अफ़्लाक पे है माँग की अफ़्शाँ की दमक
शीशा-ए-मह से छलक कर मय-ए-तुंद-ओ-बे-दर्द
मुख़्तार सिद्दीक़ी
नज़्म
किसी के पंजा-ए-बे-दर्द ही से टूट जाने दो
फिर इस के ब'अद तो बस इक सुकूत-ए-मुस्तक़िल होगा
ज़ेहरा निगाह
नज़्म
हम ने तो दोनों को देखा दोनों ही बे-दर्द कठोर
धरती वाला अंबर वाला पहला चाँद और दूजा चाँद
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
आओ अपने दिल में दर्द-ए-ला-दवा पैदा करें
शिद्दत-ए-ग़म में मसर्रत का मज़ा पैदा करें