आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "darj"
नज़्म के संबंधित परिणाम "darj"
नज़्म
शरफ़ में बढ़ के सुरय्या से मुश्त-ए-ख़ाक उस की
कि हर शरफ़ है इसी दर्ज का दुर-ए-मकनूँ
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मैं क्या लिखूँ कि जो मेरा तुम्हारा रिश्ता है
वो आशिक़ी की ज़बाँ में कहीं भी दर्ज नहीं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
सलमान हैदर
नज़्म
मुन्नी से पूछा था किसी ने मुन्नी तेरे दाँत कहाँ हैं
उस की भोली-भाली बातें देखो बच्चो दर्ज यहाँ हैं