आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "daur-e-jaam-e-sharaab"
नज़्म के संबंधित परिणाम "daur-e-jaam-e-sharaab"
नज़्म
पहुँचता है हर इक मय-कश के आगे दौर-ए-जाम उस का
किसी को तिश्ना-लब रखता नहीं है लुत्फ़-ए-आम उस का
ज़फ़र अली ख़ाँ
नज़्म
ये जवानी, ये परेशानी, ये पैहम इज़्तिराब
बार-हा उलझन में दौड़ा हूँ सू-ए-जाम-ए-शराब
मुईन अहसन जज़्बी
नज़्म
बे-ख़ुदी के नाम पर जब दौर-ए-जाम-ए-बादा था
जब तजल्ली-ए-हक़ीक़त से हर इक दिल सादा था
सीमाब अकबराबादी
नज़्म
वो क्या आता कि गोया दौर में जाम-ए-शराब आता
वो क्या आता रंगीली रागनी रंगीं रुबाब आता
मख़दूम मुहिउद्दीन
नज़्म
बिर्ज लाल रअना
नज़्म
आज भी ज़िंदगी मिरी ग़र्क़-ए-शराब-ए-तुंद-ओ-तेज़
आज भी हाथ में मिरे जाम-ए-शराब-ए-अर्ग़वाँ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
साजिदा ज़ैदी
नज़्म
हो अगर हाथों में तेरे ख़ामा-ए-मोजिज़ रक़म
शीशा-ए-दिल हो अगर तेरा मिसाल-ए-जाम-ए-जम