आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "des"
नज़्म के संबंधित परिणाम "des"
नज़्म
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
आ ग़ैरियत के पर्दे इक बार फिर उठा दें
बिछड़ों को फिर मिला दें नक़्श-ए-दुई मिटा दें
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
इस देस में हुए हैं हज़ारों मलक-सरिश्त
मशहूर जिन के दम से है दुनिया में नाम-ए-हिंद
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हम से उस देस का तुम नाम ओ निशाँ पूछते हो
जिस की तारीख़ न जुग़राफ़िया अब याद आए