आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "dha.ns"
नज़्म के संबंधित परिणाम "dha.ns"
नज़्म
दलदल की तह में धँस गया हूँ
में नहीं कहता कि ये किस आसमाँ का कौन सा सय्यारा-ए-बद है
अब्बास ताबिश
नज़्म
और मेरे पाँव जैसे धरती में धँस रहे हैं
मैं जानता हूँ कि वो सारे मुल्क पर हँस रहे हैं
माधव अवाना
नज़्म
चाक़ूओं की धार पेशानी में धँस कर रह गई
रोज़ ओ शब मामूल के सब साएबानों में दराड़ें पड़ गईं