आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "dishaa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "dishaa"
नज़्म
अहमद हमेश
नज़्म
ये किस तरह याद आ रही हो ये ख़्वाब कैसा दिखा रही हो
कि जैसे सच-मुच निगाह के सामने खड़ी मुस्कुरा रही हो
कैफ़ी आज़मी
नज़्म
दिखा दूँगा जहाँ को जो मिरी आँखों ने देखा है
तुझे भी सूरत-ए-आईना हैराँ कर के छोड़ूँगा
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
सर पे रख सकता हूँ ताज-ए-किश्वर-ए-नूरानियाँ
महफ़िल-ए-ख़ुर्शीद को नीचा दिखा सकता हूँ मैं