आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "fasaad-e-KHalq"
नज़्म के संबंधित परिणाम "fasaad-e-KHalq"
नज़्म
फ़साद-ए-ख़ल्क़ भी ख़ुद और फ़साद-ए-ज़ात भी ख़ुद
सफ़र का वक़्त भी ख़ुद जंगलों की रात भी ख़ुद
मुस्तफ़ा ज़ैदी
नज़्म
क़तार-दर-क़तार सिंफ़-हा-ए-ख़ल्क़ देखती हुई
क़ज़ा भी ठहर कर नज़र बचा के देखने लगी
अब्दुल्लाह साक़िब
नज़्म
क्या कहा इंसाफ़ है इंसाँ का फ़र्ज़-ए-अव्वलीं
क्या फ़साद-ओ-ज़ुल्म का अब तुम में कस बाक़ी नहीं
जोश मलीहाबादी
नज़्म
फ़साद-ओ-शर जहाँ सोते हैं ख़्वाबों के मज़ारों में!
मिरी 'सलमा'! मुझे ले चल तू उन रंगीं नज़ारों में!
अख़्तर शीरानी
नज़्म
तमीज़-ए-बंदा-ओ-आक़ा फ़साद-ए-आदमियत है
हज़र ऐ चीरा-दस्ताँ सख़्त हैं फ़ितरत की ताज़ीरें
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
उन ज़ईफ़ों के सहारे को असा बन जाऊँ
ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ का हर सम्त में चर्चा कर दूँ