आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "fidaa-e-shokhi-e-inkaar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "fidaa-e-shokhi-e-inkaar"
नज़्म
जो बात है वो शोख़ी-ए-गुलदस्ता-ए-चमन
जो लफ़्ज़ है बहार-ए-कफ़-ए-गुल-फ़रोश है
चंद्रभान कैफ़ी देहल्वी
नज़्म
इक हुदी-ख़्वान-ए-मोहब्बत इक नक़ीब-ए-इत्तिहाद
इक फ़िदा-ए-सोज़-ए-नाक़ूस-ओ-अज़ाँ पैदा हुआ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
ज़िंदा-दिल पंजाब के बेटो तुम्हें मेरा सलाम
तुम परस्तार-ए-गुरू-नानक फ़िदा-ए-कृष्न-ओ-राम
अर्श मलसियानी
नज़्म
मिरी आँखों में किस की शोख़ी-ए-लब का तसव्वुर है
कि जिस के कैफ़ से आँखों में मेरी नींद आती है
मख़दूम मुहिउद्दीन
नज़्म
पर्दा जैसे ख़ाना-ए-तस्वीर का उठता हुआ
जैसे जोबन शोख़ी-ए-तहरीर का उठता हुआ
'उन्फ़ुवान-ए-ज़र-निगार