आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "hattaa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "hattaa"
नज़्म
हत्ता कि अपने ज़ोहद-ओ-रियाज़त के ज़ोर से
ख़ालिक़ से जा मिला है सो है वो भी आदमी
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
ये तेरा ज़र्द रुख़ ये ख़ुश्क लब ये वहम ये वहशत
तू अपने सर से ये बादल हटा लेती तो अच्छा था
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
अहमद नदीम क़ासमी
नज़्म
पर्दा-हा-ए-ख़्वाब हो जाते हैं जिस से चाक चाक
मुस्कुरा कर अपनी चादर को हटा देती है ख़ाक
जोश मलीहाबादी
नज़्म
जोश मलीहाबादी
नज़्म
तो जब तक आसमानों और हमारे दरमियाँ हाइल
हुजूम-ए-क़ातिलाँ छटता नहीं हटता नहीं पर्दा
ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर
नज़्म
इक़बाल सुहैल
नज़्म
कब तक अंधी भेड़ों की तरह ये अपनी राह न पाएगा
कब तक मौत के आगे से पीछे ही हटता जाएगा