aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "high"
दहशतें इक पालिसी हैं जिस के मेकर आप हैंतीसरी दुनिया के पहले हाई-जेकर आप हैं
एक कश्मकश सी चलती हैलहरों के साथ मचलती हैकभी साहिल से टकराती हैंकभी सिमट सी जाती हैंओस की बूँदें ओशन मेंतूफ़ानों में ग़ुर्राती हैंफिर मौजों संग गुनगुनाती हैंअटखेलियाँ वो करती हैंसागर धारा संग गुज़रती हैंओस की बूँदें ओशन मेंकभी हाई टाइड कभी लो टाइड मेंअक्सर यूँ ही फ़ुल मून लाइट मेंआसमाँ की जानिब उछलती हैंगिरती और सँभलती हैंओस की बूँदें ओशन मेंआफ़्ताब कहता है आ जाफ़ज़ा कहती समा जासागर कहता है न जाज़मीं भी जकड़े जाती हैऐसे ही लहराती हैंबहती चली जाती हैंओस की बूँदें ओशन में
अलिफ़ जो आलू खाएगावो मोटा हो जाएगाबे बारिश जब आती हैकोयल शोर मचाती हैपे पाली मैं ने बिल्लीचल दी छोड़ के वो दिल्लीते तितली है ज़िंदा फूलजो न माने ना-माक़ूलटे टट्टू पर चढ़ भय्याडर मत आगे बढ़ भय्यासे साबित है ये लट्टूचुन्नू जा ले आ पट्टूजीम मैं जूते खाऊँगारो कर चुप हो जाऊँगाचे चुन्नू है इक लड़कानन्हा मुन्ना छोटा साहे वो हा तू आया हैहींग और पट्टू लाया हैख़े ख़च्चर मैं लाऊँगाअपने घर में नचाऊँगादाल न दाल पका अम्मीबर्फ़ी मुझे खिला अम्मीडाल डरूँ मैं भालू सेमैं नहीं डरता ख़ालू सेरे रोना मुझे आता हैजब मिरा भय्या गाता हैसीन सरौता ला अम्मीमुझ को पान खिला अम्मीबस भाई आगे मत जाइत्ती बस नज़्म न होगा
अँधियारे की काली मटिया मन को फाड़े खाएँशमशानों के हाघ डकारें अंधे कुएँ बुलाएँपगडंडी के शेष नाग जी पग पग डसते जाएँपेड़ राक्षस बादल रावन घर भुतने बन जाएँ
दुनिया में बे-मिसाल है नानी का पानदानवाबस्ता उस की ज़ात से है एक दास्तानपेन्दा अलग है जिस से बँधा एक तार हैसर-पोश का भी बीच से सीना-फ़िगार हैअश्या-ए-ख़ुर्दनी की भी इस में क़तार हैनानी को इस से शग़्ल में लुत्फ़-ए-बहार हैमुमकिन नहीं कि इस से जुदा हों वो एक आनदुनिया में बे-मिसाल है नानी का पानदानकत्थे में डूबी देखिए राशन की है रसीदअक्सर इसी में नोटों की मिट्टी हुई पलीदपैसों की पोटली भी मिले इस में क्या बईदइस का वजूद सब के लिए है बहुत मुफ़ीदवाक़िफ़ है उस के जौहर-ए-ज़ाती से ख़ानदानदुनिया में बे-मिसाल है नानी का पानदानकुल्हियों के बदले चीनी के टूटे पियाले हैंकाफ़ूर हींग सौंफ पचीसों मसाले हैंबीसों बरस के चंद पुराने रिसाले हैंकुछ खेत की रसीदें हैं फटे क़बाले हैंनाना के कुछ ख़ुतूत बढ़ाते हैं इस की शानदुनिया में बे-मिसाल है नानी का पानदानबस्ती के सब बुज़ुर्ग भी मिल बैठें गर बहममुश्किल से इस की उम्र कोई कर सके रक़मइतनी सी बात है जो 'ज़की' जानते हैं हमनानी जिसे सुनाती हैं अक्सर ब-चश्म-ए-नमनानी की नानी ने भी लगाए थे इस से पानदुनिया में बे-मिसाल है नानी का पानदान
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