आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jaan-e-bahaar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "jaan-e-bahaar"
नज़्म
ख़ून-ए-दिल में है निहाँ शोला-ए-सद-रंग-ए-बहार
इस गुलिस्ताँ में हैं इस राज़ के महरम कितने
जाँ निसार अख़्तर
नज़्म
आवाज़ा-ए-हक़ जब लहरा कर भगती का तराना बनता है
ये रब्त-ए-बहम ये जज़्ब-ए-दरूँ ख़ुद एक ज़माना बनता है
जाँ निसार अख़्तर
नज़्म
कैसे कैसे अक़्ल को दे कर दिलासे जान-ए-जाँ
रूह को तस्कीन दी है दिल को समझाया भी है