आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jahannam"
नज़्म के संबंधित परिणाम "jahannam"
नज़्म
जहान-ए-आब-ओ-गिल से आलम-ए-जावेद की ख़ातिर
नबुव्वत साथ जिस को ले गई वो अरमुग़ाँ तू है
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
लेकिन बहिश्त तक पहुँचने के लिए एक जहन्नम से गुज़रना पड़ता है
मैं पूछता हूँ जहन्नम क्या है?
सरवत हुसैन
नज़्म
ब-ज़ाहिर चंद फ़िरऔ'नों का दामन भर दिया इस ने
मगर गुल-बाग़-ए-आलम को जहन्नम कर दिया इस ने
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
मेरी दुनिया कि मिरे ग़म से जहन्नम-बर-दोश
तू ने दुनिया को भी फ़िरदौस बना रक्खा है
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
जिन के दिल कुचले हुए जिन की तमन्ना पाएमाल
झाँकता है जिन की आँखों से जहन्नम का जलाल
मख़दूम मुहिउद्दीन
नज़्म
मेरी तख़्ईल में है एक जहान-ए-बेदार
दस्तरस में मिरी नज़्ज़ारा-ए-गुल-हा-ए-चमन