आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "javaa.n-mard"
नज़्म के संबंधित परिणाम "javaa.n-mard"
नज़्म
बहार-ए-हुस्न जवाँ-मर्ग सूरत-ए-गुल-ए-तर
मिसाल-ए-ख़ार मगर उम्र-ए-दर्द-ए-इश्क़ दराज़
अली सरदार जाफ़री
नज़्म
गर्मी-ए-दिल थी वही उस की वही ज़ौक़-ए-तलब
ढलते सायों में वो था मर्द-ए-जवाँ की मानिंद
जयकृष्ण चौधरी हबीब
नज़्म
ये दुआएँ हैं वो मज़लूम की आहों का धुआँ
माइल-ए-जंग नज़र आता है हर मर्द-ए-जवाँ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
जवानियाँ हैं ज़ोर पर शबाब का ज़ुहूर है
ब-फ़ैज़-ए-क़ल्ब-ए-मुतमइन नज़र नज़र ग़यूर है
अर्श मलसियानी
नज़्म
तिरे सोफ़े हैं अफ़रंगी तिरे क़ालीं हैं ईरानी
लहू मुझ को रुलाती है जवानों की तन-आसानी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
किस को ले कर जा रहे हैं आज यूँ नौहा-कुनाँ
रो रहे हैं आज किस को मुल्क के पीर-ओ-जवाँ
प्रेम लाल शिफ़ा देहलवी
नज़्म
अल-जम'इय्यत के क़रीं हो के तसव्वुर जो चला
हिफ़्ज़-ए-रहमान सा इक मर्द-ए-जहाँ याद आया