आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jiddat"
नज़्म के संबंधित परिणाम "jiddat"
नज़्म
एक सूरत पर नहीं रहता किसी शय को क़रार
ज़ौक़-ए-जिद्दत से है तरकीब-ए-मिज़ाज-ए-रोज़गार
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
ये शोख़ी-ओ-जिद्दत तिरी क़ुदरत से है बाहर
ये शय तो हक़ीक़त में बुज़ुर्गों का है विर्सा
मुनीर वाहिदी
नज़्म
नक़्काश-ए-अज़ल मैं तिरी जिद्दत के तसद्दुक़
हर नक़्श से हर नक़्श जुदा देख रहा हूँ
नख़्शब जार्चवि
नज़्म
ज़िया जालंधरी
नज़्म
और बातों में तो क्या ख़ाक मिलेगी जिद्दत
जब ज़बाँ में भी गवारा नहीं कोई जिद्दत
अली मंज़ूर हैदराबादी
नज़्म
वो चश्म-ए-पाक हैं क्यूँ ज़ीनत-ए-बर-गुस्तवाँ देखे
नज़र आती है जिस को मर्द-ए-ग़ाज़ी की जिगर-ताबी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हबीब जालिब
नज़्म
मेरे माज़ी को अंधेरे में दबा रहने दो
मेरा माज़ी मिरी ज़िल्लत के सिवा कुछ भी नहीं