aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "kholte"
जुस्तुजू के नए रास्ते खोलते लफ़्ज़ ग़द्दार हैंसच भी ग़द्दार है
लेकिन एयरपोर्ट पर अटैची खोलते हुएमैं ने देखा
सहमे सहमे हुए लोग मिलते हों जबहर तरफ़ ज़ख़्म के फूल खिलते हों जब
कि हर बड़ी क़ौम काम ऐसे किया ही करती है जो कि तारीख़ के लिए बाब खोलते हैंये कार-नामा
हम अपने वजूदों की पिन्हाँ तहेंखोलते तक नहीं
मुझे परत दर परत वो खोलते गएमैं चिल्लाती रही वो मुझे नोचते गए
किवाड़ खोलते हीदस्तकें!
कि जिन के बदन खोलते ख़ूँ के चश्मे थेअब भी हैं
प्यार के दफ़्तरों को खोलते हैंऔर फिर हर वर्क़ टटोलते हैं
उन का दाख़िला रोक नहीं सकतीवो ठोकर से दरवाज़ा खोलते हैं
जब क़िस्सा-गो की लोरी में हम सोते थेऔर चिड़ियों की चहकार में आँखें खोलते थे
खोलते लफ़्ज़ों की भापदिल के आईने को धुँदलाती है हाथ
ऐसी आसानी से सच्चाई के दर खोलते हैंआसमानों में ज़मीनों के सनम बोलते हैं
तुम आँखें खोलते होतो तितलियों के पर
कोई भी रूप हो बहरूप बदल कर ये लोगपेच-दर-पेच फ़सानों की गिरह खोलते हैं
परिंदे परों को नहीं खोलते हैंजहाँ सरहदें हैं फ़लक जैसी क़ाएम
बीवी के सामने जो ज़बाँ खोलते नहींचलते हैं राह में वो गरेबान खोल कर
जिस में सन्नाटे बोलते हैंयादों के दर जो खोलते हैं
अपने मआ'नी खोलते हैं
ऊँचे दरवाज़े को खोलते हीउस की भाव-विहीन आँखों में
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