आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "kushaada"
नज़्म के संबंधित परिणाम "kushaada"
नज़्म
कैफ़ी आज़मी
नज़्म
अली अकबर नातिक़
नज़्म
कि मंज़िल है दुश्वार ग़म से ग़म-ए-जावेदाँ तक!
वो सब थे कुशादा-दिल ओ होश-मंद ओ परस्तार-ए-रब्ब-ए-करीम
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "kushaada"
कि मंज़िल है दुश्वार ग़म से ग़म-ए-जावेदाँ तक!
वो सब थे कुशादा-दिल ओ होश-मंद ओ परस्तार-ए-रब्ब-ए-करीम