aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "left"
इंजीनियरलिख पढ़ के मैं तो इक दिनअहल-ए-हुनर बनूँगाचाहा अगर ख़ुदा नेइंजीनियर बनूँगाहोगी मिरे हुनर से ता'मीर इस वतन कीजागेगी मेरे फ़न से तक़दीर इस वतन कीचलती रहें मशीनें सनअ'त तमाम चमकेजिस तरह सुब्ह चमके वैसे ही शाम चमकेअहल-ए-हुनर बनूँगाइंजीनियर बनूँगाडॉक्टरजिसे तकलीफ़ में पाऊँउसे आराम पहुँचाऊँजहाँ ग़म का अंधेरा होख़ुशी की रौशनी लाऊँजहाँ आँसू बरसते होंहँसी उस घर में बिखराऊँदुआ है डॉक्टर बन करदुखी लोगों के काम आऊँवतन का सिपाहीवतन का बहादुर सिपाही बनूँशुजाअ'त की दुनिया का राही बनूँलेफ्ट राइट लेफ्टलेफ्ट राइट लेफ्टवतन में जहाँ हो ज़रूरत मिरीवहीं काम आए शुजाअ'त मिरीदिलेरी का मैं सब को पैग़ाम दूँजो मुश्किल हो वो काम अंजाम दूँहमेशा तरक़्क़ी की राहों में हमचलें साथियों से मिला के क़दमलेफ्ट राइट लेफ्टलेफ्ट राइट लेफ्टटीचरना चाँदी ना सोना चाहूँमैं तो टीचर होना चाहूँहासिल जो ता'लीम करूँ मैंसब में उसे तक़्सीम करूँ मैंनन्हे मुन्ने बच्चे आएँइल्म की दौलत लेते जाएँकम न हो ये तक़्सीम किए सेजलता हो जैसे दिया दिए सेपायलटबुलंदी पे जा के सफ़र करने वालाहवा-बाज़ ऊँचा हवा-बाज़ आ'लावो रनवे पे आया जो टेक-ऑफ़ करनेतो सूरज ने पहनाई किरनों की मालापैसेंजर हैं सीटों पे बे-फ़िक्र बैठेउड़ाए लिए जा रहा है जियालाहमारी उमंगों से क्या कह रहा हैफ़ज़ाओं में उड़ता हुआ ये उजालावकीलइंसाफ़ की शान दिखाऊँइंसाफ़ का रंग जमाऊँमज़लूम से हो हमदर्दीज़ालिम को सज़ा दिलवाऊँमुजरिम के काले दिल मेंक़ानून की शम्अ' जलाऊँहर बात में सब से आगेइंसाफ़ की बात बढ़ाऊँइंसाफ़ की शान दिखाऊँइंसाफ़ का रंग जमाऊँहारीसोचा है मैं नेहारी बनूँगाखेतों में झूमूँगंदुम उगा केधरती को चूमूँफ़स्लें सजा केसारे वतन कोख़ुश-हाल कर दूँख़ुशियों से सब केदामन को भर दूँहारी बनूँगा
अरेसिंध के साधू सूफ़ीअरेहिन्द के मर्द-ए-मोमिनक्या तुम अब भी सोच रहे होहिन्दी नारी कहलाए वोजो हो अपने पी की दासीपी की दासीपी की दासी वाली बाताँहो गईं अब तो बासी मूरखआज की नारी औरत हो गईफ़्रीडम झंडा चैत महीनाकौन डूपट्टा किस ने छीनाझुमका काजल गजरा-वज्रात्याग के औरत बाग़ी हो गईआज की औरत बाग़ी है रेक्या तुम अब भी सोच रहे होबाग़ी औरत कहलाए वोजो हो पी के 'इश्क़ में बाग़ीपी के 'इश्क़ में बाग़ी मूरखहा-हा सादे शा'इर मूरखआज की औरत बेबी हो गईसुट्टा दारू कमरा चाबीनैन शराबी होंट गुलाबीहाथ में ठर्रा मुँह पे गालीख़ुद के 'इश्क़ में बाग़ी बेबीकरमाँ वाली करमाँ वालीक्या तुम अब भी सोच रहे होकरमाँ वाली कहलाए वोजो हो पी के मन की साक़ीपी के मन की साक़ी मूरखहाहा हाहा पी के हाहाआज की औरत लेफ्ट की रिंद हैआज की औरत राइट की किंग हैख़ुद-सर 'आक़िल बालिग़ सरकशहूर हरामी ज़हर की तरकशखा जाएगी कच्चा चबा करआज की हिन्दी हिंदा हो गईहव्वा की बेटी ज़िंदा हो गईअरेसिंध के साधू सूफ़ीअरेहिन्द के मर्द-ए-मोमिनक्या तुम अब ये सोच रहे होहव्वा की बेटी मर गई या फिर ज़िंदा हो गई
इन को न लिफ़्ट शेर की देवी ने दी कभीमिलने गए जो ये तो वो पर्दे में जा छुपीअल्लह रे इन की दस्त-दराज़ी की बरहमीसाड़ी अदब की सात जगह से है फाड़ दीनक़्क़ाद इन को कहते हैं ये भी हैं आदमी
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
Online Treasure of Sufi and Sant Poetry
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books