आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ma.ndraataa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ma.ndraataa"
नज़्म
आमिर रियाज़
नज़्म
मुर्ग़-ज़ारों में दिखाती जू-ए-शीरीं का ख़िराम
वादियों में अब्र के मानिंद मंडलाती हुई
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
ख़ुदा अलीगढ़ के मदरसे को तमाम अमराज़ से शिफ़ा दे
भरे हुए हैं रईस-ज़ादे अमीर-ज़ादे शरीफ़-ज़ादे
अकबर इलाहाबादी
नज़्म
उठने ही वाला है कोई दम में शोर-ए-इंक़लाब
आ रहे हैं जंग के बादल वो मंडलाते हुए
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
या ख़्वाब-ए-परेशाँ दुनिया का बाला-ए-फ़ज़ा मंडलाता है
चलती है ज़माने में आँधी शाएर के तुंद ख़यालों की
जमील मज़हरी
नज़्म
उम्र यूँ मुझ से गुरेज़ाँ है कि हर गाम पे मैं
इस के दामन से लिपटता हूँ मनाता हूँ इसे
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
तेज़ मंडलाती अबाबीलों के नन्हे बाज़ुओं का हौसला हो
फूल हो और फूल के अंजाम से ना-आश्ना हो
महबूब ख़िज़ां
नज़्म
चिड़ियाँ न चहचहाएँ कल सोएँ हम दोपहर तक
बंद है बन का मदरसा कोई हमें जगाए क्यों