आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "mansab-e-haft-aasmaa.n"
नज़्म के संबंधित परिणाम "mansab-e-haft-aasmaa.n"
नज़्म
इस चमन की सरज़मीं है रू-कश-ए-हफ़्त-आसमाँ
इस चमन में ताइर-ए-अर्श-आशियाँ पैदा हुआ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
ये ज़मीं थीं ज़िल्लत-ए-आफ़ाक़ जिस की पस्तियाँ
रिफ़अ'तों में रू-कश-ए-हफ़्त-आसमाँ होने को है
फ़ज़लुर्रहमान
नज़्म
दिमाग़ बर-सर-ए-हफ़्त-आसमाँ था देहली का
ख़िताब-ए-ख़ित्ता-ए-हिन्दोस्ताँ था देहली का
मोहम्मद अली तिशना
नज़्म
आसमाँ की गोद में दम तोड़ता है तिफ़्ल-ए-अब्र
जम रहा है अब्र के होंटों पे ख़ूँ-आलूद कफ़
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
आसमाँ के पाँव पर महताब ओ अंजुम के सुजूद
और ज़मीं की रौनक़ों का वहम फ़िक्र-ए-रफ़्त-ओ-बूद