आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "maskan-e-aabaa-e-insaa.n"
नज़्म के संबंधित परिणाम "maskan-e-aabaa-e-insaa.n"
नज़्म
तू ऐ गाँधी 'इलाज-ए-दर्द-ए-इंसाँ बन के आया था
अँधेरी रात में सुब्ह-ए-दरख़्शाँ बन के आया था
जाफ़र मलीहाबादी
नज़्म
मक़ाम-ए-अज़्मत-ए-इंसाँ को तू ने फ़ाश किया
जुमूद-बस्ता ग़ुलामी को पाश-पाश किया
अफ़सर सीमाबी अहमद नगरी
नज़्म
جہاں ميں دانش و بينش کي ہے کس درجہ ارزاني
کوئي شے چھپ نہيں سکتي کہ يہ عالم ہے نوراني
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
फ़िक्र-ए-इंसाँ पर तिरी हस्ती से ये रौशन हुआ
है पर-ए-मुर्ग़-ए-तख़य्युल की रसाई ता-कुजा