आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "meraaj-e-mustafaa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "meraaj-e-mustafaa"
नज़्म
आनंद नारायण मुल्ला
नज़्म
न ढूँड उस चीज़ को तहज़ीब-ए-हाज़िर की तजल्ली में
कि पाया मैं ने इस्तिग़्ना में मेराज-ए-मुसलमानी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हासिल-ए-इश्क़-ए-मुस्तफ़ा उन से निज़ाम-ए-काएनात
उन के बग़ैर शरअ'-ओ-दीन बुत-कदा-ए-तसव्वुरात
मीर यासीन अली ख़ाँ
नज़्म
बे-'अज़्म-ओ-'अमल कुछ नहीं मिलता है किसी को
मे'राज-ए-बशर सिर्फ़ यक़ीं और तग-ओ-दौ
फ़ातिमा वसीया जायसी
नज़्म
ये किस ने मज़हब का नाम ले कर मिटा दी मे’राज-ए-आदमिय्यत
कहाँ हैं जोश-ओ-वफ़ा-ओ-हिम्मत
साजिदा ज़ैदी
नज़्म
शोरिश काश्मीरी
नज़्म
रांदा-ए-मौज भी हैं मुजरिम-ए-ज़र्रात भी हैं
मेरा क़िस्सा किसी अफ़साना-ए-दरिया में नहीं
मुस्तफ़ा ज़ैदी
नज़्म
हर एक शय से मिरा निशान-ए-अदम अयाँ है
अदम भी दरयूज़ा-गर है मेरा मिरे ही बल पर रवाँ-दवाँ है
मीराजी
नज़्म
मीराजी
नज़्म
दिल-ए-मुर्दा को हो वो जज़्बा-ए-बेताब अता
मरज़-ए-पस्ती-ए-मिल्लत का जो दरमाँ कर दे