आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "parastii"
नज़्म के संबंधित परिणाम "parastii"
नज़्म
मिरी नज़रों से ओझल अब मक़ाम-ए-जोहद-ए-हस्ती है
न वो एहसास-ए-इशरत है, न वो अंजुम-परस्ती है
शौकत परदेसी
नज़्म
कुछ देर नहीं अंधेर नहीं इंसाफ़ और अदल-परस्ती है
इस हाथ करो उस हाथ मिले याँ सौदा दस्त-ब-दस्ती है
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
नून मीम राशिद
नज़्म
''हम से खुल जाओ ब-वक़्त-ए-मह-परस्ती एक दिन
वर्ना हम छेड़ेंगे रख कर उज़्र-ए-मस्ती एक दिन
नश्तर अमरोहवी
नज़्म
अपने हिंदुस्तान में मुर्दा-परस्ती आम है
जितने शाएर मर चुके हैं बस उन्हीं का नाम है
नश्तर अमरोहवी
नज़्म
अब तो लाज़िम है कि हों बेदार अबना-ए-वतन
हो दिलों में जज़्बा-ए-मिल्लत-परस्ती जोश-ज़न
सफ़ीर काकोरवी
नज़्म
तिरी जागीर में इरफ़ाँ की मस्ती है गुरु-नानक
तिरी तहरीर औज-ए-हक़-परस्ती है गुरु-नानक