आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "pas-e-hijaab"
नज़्म के संबंधित परिणाम "pas-e-hijaab"
नज़्म
वो इल्म में अफ़लातून सुने वो शेर में तुलसीदास हुए
वो तीस बरस के होते हैं वो बी-ए एम-ए पास हुए
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
सेहन-ए-चमन पर भौउँरों के बादल एक ही पल को छाएँगे
फिर न वो जा कर लौट सकेंगे फिर न वो जा कर आएँगे
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
अब मैं समझा कि है क्या राज़-ए-ब-दामान-ए-हिजाब
वाक़ई तुम को नदामत है जो ख़ामोश हो तुम
शकील बदायूनी
नज़्म
है दिल-ए-सादा तिरा वारफ़्ता-ए-हुस्न-ए-हिजाब
ज़िश्त-रूई का कहीं पर्दा न हो रंगीं नक़ाब